जिम्मेदारी किसकी?—पहल, सहभागिता और सामाजिक परिवर्तन की कहानी
जिम्मेदारी किसकी?—पहल, सहभागिता और सामाजिक परिवर्तन की कहानी हमारे जीवन में अनेक ऐसे कार्य होते हैं जिन्हें पूरा करना अत्यंत आवश्यक होता है। वे कार्य किसी एक व्यक्ति के नहीं, बल्कि पूरे परिवार, संस्था, समुदाय या समाज के हित से जुड़े होते हैं। समस्या तब उत्पन्न होती है, जब प्रत्येक व्यक्ति यह सोचकर बैठ जाता है कि कोई दूसरा व्यक्ति उस काम को अवश्य कर देगा। एक प्रसिद्ध कहानी में चार पात्र हैं— Everybody, Somebody, Anybody और Nobody , अर्थात् हर कोई, कोई व्यक्ति, कोई भी और कोई नहीं। एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण काम पूरा किया जाना था। वह काम सभी की जिम्मेदारी था। हर किसी को विश्वास था कि कोई न कोई व्यक्ति उसे अवश्य पूरा कर देगा। वास्तव में, कोई भी उस काम को कर सकता था, लेकिन अंततः किसी ने भी उसे नहीं किया। जब काम अधूरा रह गया तो किसी व्यक्ति को गुस्सा आया, क्योंकि वह सभी की जिम्मेदारी थी। हर किसी ने सोचा था कि कोई भी इसे कर सकता है, लेकिन किसी ने यह नहीं समझा कि सभी लोग स्वयं काम करने के बजाय दूसरों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अंत में, हर किसी ने किसी न किसी को दोषी ठहराया, जबकि वास्तविकता यह ...