समय: सबके पास समान, उपयोग सबका अलग
समय: सबके पास समान, उपयोग सबका अलग दुनिया में किसी के पास अधिक धन है, किसी के पास बेहतर अवसर हैं और किसी को परिवार या परिस्थितियों का अधिक सहयोग मिलता है। इसलिए कभी-कभी ऐसा लगता है कि सफलता केवल भाग्यशाली लोगों को ही मिलती है। यह बात कुछ सीमा तक सही हो सकती है, लेकिन एक सत्य ऐसा है जो कभी नहीं बदलता— हर व्यक्ति को प्रतिदिन केवल 24 घंटे ही मिलते हैं। चाहे वह विद्यार्थी हो, शिक्षक हो, कर्मचारी हो, व्यापारी हो या दुनिया का सबसे सफल व्यक्ति—समय किसी के साथ भेदभाव नहीं करता। कोई भी व्यक्ति पैसे देकर दिन में एक अतिरिक्त घंटा नहीं खरीद सकता। बीता हुआ समय वापस नहीं लाया जा सकता और न ही आज के समय को बचाकर भविष्य में उपयोग किया जा सकता है। इसलिए प्रश्न यह नहीं है कि हमारे पास कितना समय है। असली प्रश्न यह है कि— हम अपने 24 घंटों का उपयोग कैसे करते हैं? व्यस्त रहना और सही काम करना अलग-अलग हैं कई लोग पूरा दिन व्यस्त रहते हैं, लेकिन दिन के अंत में उनके पास दिखाने के लिए कोई सार्थक परिणाम नहीं होता। वहीं कुछ लोग सीमित समय में अपनी प्राथमिकताएँ तय करके महत्त्वपूर्ण कार्य पूरे कर लेते हैं। समय का सही उ...