दुनिया में आए हैं तो जीना ही पड़ेगा…

 

दुनिया में आए हैं तो जीना ही पड़ेगा…

“दुनिया में आए हैं तो जीना ही पड़ेगा,
और जीना है तो मुश्किलों का सामना करना ही पड़ेगा।
छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी,
नए दौर में लिखेंगे हम अपनी नई कहानी।”

ज़िंदगी कभी भी एक सी नहीं रहती। कभी सफलता मिलती है, तो कभी असफलता हमें कुछ नया सिखाती है। कभी अपने साथ खड़े होते हैं, तो कभी रास्ता अकेले तय करना पड़ता है। लेकिन यही उतार-चढ़ाव हमें मजबूत बनाते हैं।

जीवन में मिला “ज़हर” केवल दर्द नहीं है—वह संघर्ष, असफलता, आलोचना, निराशा और कठिन परिस्थितियों का प्रतीक है। इन्हें पीकर हार जाना नहीं, बल्कि इन्हीं अनुभवों को अपनी ताकत में बदल देना असली जीवन है।

जो बीत गया, उसे बार-बार सोचकर आज को कमजोर करने से बेहतर है कि उससे सीखकर आगे बढ़ा जाए। कल हमारी सीख थी, आज हमारा अवसर है और आने वाला कल हमारी नई कहानी है।

नई शुरुआत के लिए हमेशा सही समय का इंतज़ार जरूरी नहीं। एक नया विचार, एक नया निर्णय और एक छोटा-सा कदम भी जिंदगी की दिशा बदल सकता है।

इसलिए—

पुराने पन्नों पर अफसोस मत करो,
नया पन्ना खोलो और नई शुरुआत करो।
मुश्किलें आएँ तो उनसे सीखो,
गिरो तो फिर उठो,
और अपनी कहानी ऐसी लिखो कि
कल तुम्हारा संघर्ष ही तुम्हारी पहचान बन जाए।

नई सोच, नया दौर, नई कहानी

“कल जो हुआ, वह अनुभव था;
आज जो कर रहे हैं, वह प्रयास है;
और कल जो मिलेगा, वही हमारी नई पहचान होगी।”

ज़िंदगी मिली है तो जीना है,
मुश्किलों से लड़कर आगे बढ़ना है।
छोड़ दो बीते हुए कल की कहानी—
अब अपने हाथों से लिखनी है
अपनी सफलता की नई कहानी।

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